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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 3

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जे प्राकृत कबि परम सयाने । भाषाँ जिन्ह हरि चरित बखाने ॥ भए जे अहहिं जे होइहहिं आगें । प्रनवउँ सबहि कपट सब त्यागें ॥

Je prakruta kabi parama sayane. Bhashan jinha hari charita bakhane. Bhae je ahahin je hoihahin agen. Pranavaun sabahi kapata saba tyagen.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो बड़े बुद्धिमान् प्राकृत कवि हैं, जिन्होंने भाषामें हरिचरित्रोंका वर्णन किया है, जो ऐसे कवि पहले हो चुके हैं, जो इस समय वर्तमान हैं और जो आगे होंगे, उन सबको मैं सारा कपट त्यागकर प्रणाम करता हूँ॥ ३॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 3 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik