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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 5

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

आखर अरथ अलंकृति नाना । छंद प्रबंध अनेक बिधाना ॥ भाव भेद रस भेद अपारा । कबित दोष गुन बिबिध प्रकारा ॥

Akhara aratha alankruti nana. Chhanda prabandha aneka bidhana. Bhava bheda rasa bheda apara. Kabita dosha guna bibidha prakara.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नाना प्रकारके अक्षर, अर्थ और अलङ्कार, अनेक प्रकारकी छन्दरचना, भावों और रसोंके अपार भेद और कविताके भाँति-भाँतिके गुण-दोष होते हैं॥ ५॥

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