ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 6

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

धूम कुसंगति कारिख होई । लिखिअ पुरान मंजु मसि सोई ॥ सोइ जल अनल अनिल संघाता । होइ जलद जग जीवन दाता ॥

Dhuma kusangati karikha hoi. Likhia purana manju masi soi. Soi jala anala anila sanghata. Hoi jalada jaga jivana data.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कुसंगके कारण धुआँ कालिख कहलाता है, वही धुआँ [सुसंगसे] सुन्दर स्याही होकर पुराण लिखनेके काममें आता है और वही धुआँ जल, अग्नि और पवनके संगसे बादल होकर जगत्को जीवन देनेवाला बन जाता है॥ ६॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस