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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

दोहा 13

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

दो०—अति अपार जे सरित बर जौं नृप सेतु कराहिं । चढ़ि पिपीलिकउ परम लघु बिनु श्रम पारहि जाहिं ॥ १३ ॥

Do. - Ati apara je sarita bara jaun nrupa setu karahin. Chadhi pipilikau parama laghu binu shrama parahi jahin. 13

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो अत्यन्त बड़ी श्रेष्ठ नदियाँ हैं, यदि राजा उनपर पुल बँधा देता है तो अत्यन्त छोटी चींटियाँ भी उनपर चढ़कर बिना ही परिश्रमके पार चली जाती हैं [इसी प्रकार मुनियोंके वर्णनके सहारे मैं भी श्रीरामचरित्रका वर्णन सहज ही कर सकूँगा]॥ १३॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 13 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik