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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

दोहा 20

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

दो० — एकु छत्रु एकु मुकुटमनि सब बरननि पर जोउ । तुलसी रघुबर नाम के बरन बिराजत दोउ ॥ २० ॥

Doha — Eku chhatru eku mukutamani sab barnani par jou. Tulasi raghubar naam ke baran birajat dou.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तुलसीदासजी कहते हैं—श्रीरघुनाथजीके नामके दोनों अक्षर बड़ी शोभा देते हैं, जिनमेंसे एक (रकार) छत्ररूप (रेफ र्) से और दूसरा (मकार) मुकुटमणि (अनुस्वार ं) रूपसे सब अक्षरोंके ऊपर हैं ॥ २० ॥

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