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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 325

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

मुदित अवधपति सकल सुत बधुन्ह समेत निहारि । जनु पाए महिपाल मनि क्रियन्ह सहित फल चारि ॥ ३२५ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सब पुत्रोंको बहुओंसहित देखकर अवधनरेश दशरथजी ऐसे आनंदित हैं, मानो राजाओंके शिरोमणि क्रियाओंसहित चारों फल पा गये हों ॥ ३२५ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 325 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik