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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 96

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

भई बिकल अबला सकल दुखित देखि गिरिनारि । करि बिलापु रोदति बदति सुता सनेहु सँभारि ॥ ९६ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हिमाचलकी स्त्री (मैना) को दुःखी देखकर सारी स्त्रियाँ व्याकुल हो गयीं। मैना अपनी कन्याके स्नेहको याद करके विलाप करती, रोती और कहती थीं ॥ ९६ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 96 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik