ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 98

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सुनि नारद के बचन तब सब कर मिटा बिषाद । छन महुँ ब्यापेउ सकल पुर घर घर यह संवाद ॥ ९८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब नारदके वचन सुनकर सबका विषाद मिट गया और क्षणभरमें यह समाचार सारे नगरीमें घर-घर फैल गया ॥ ९८ ॥

आगे पढ़ें — बाल काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 98 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik