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1 जनवरी 2026

1 जनवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

1 जनवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
शुभ
करण
कौलव
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
पौष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:35

आज के पर्व

गुरु

1 जनवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

बरगद पेड़ की पूजा — वट सावित्री व्रत में?

वट सावित्री=ज्येष्ठ अमावस्या(पति दीर्घायु)। बरगद पर जल+दूध+रोली→मौली बांधें→7 परिक्रमा→कथा सुनें→व्रत। सावित्री ने यमराज से पति प्राण वापस लिए। बरगद=अमरत्व।

एकादशी को कौन से काम न करें?

एकादशी=विष्णु व्रत। न करें: अन्न(चावल विशेष), मांस, दिन सोना, क्रोध, झूठ। करें: विष्णु पूजा, गीता, व्रत, जप, दान। उपवास+भक्ति दिन।

श्रीराम को वायव्यास्त्र कैसे मिला?

श्रीराम को वायव्यास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र ने दिया था जब वे यज्ञ रक्षा के लिए उन्हें वन ले गए थे।

शिव व्रत रखकर यदि टूट जाए तो प्रायश्चित्त क्या है?

क्षमा प्रार्थना + क्षमापन स्तोत्र। अगले सोमवार/शिवरात्रि पर व्रत। रुद्राभिषेक, 108 महामृत्युंजय, गरीबों को भोजन दान। व्रत भंग = पाप नहीं — शिव दंडित नहीं करते, भक्ति जारी रखें।

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

ऑनलाइन गुरु से दीक्षा लेना सही है क्या?

आदर्श नहीं, पर विकल्प। दीक्षा=व्यक्तिगत(ऊर्जा/स्पर्श=ऑनलाइन असंभव)। ऑनलाइन शिक्षा/मार्गदर्शन=स्वीकार्य। ⚠️ नकली/ठगी खतरा। औपचारिक दीक्षा=सशरीर। धीरज रखें।

मंत्र जप में एकादशी का क्या विशेष महत्व है?

विष्णु तिथि — विष्णु/कृष्ण जप सर्वोत्तम। उपवास+जप = द्विगुणित। सात्विक ऊर्जा। निर्जला = सबसे शक्तिशाली। 11 = एकादश रुद्र/सिद्धि।

संकट चतुर्थी व्रत की विधि और कथा क्या है?

कृष्ण पक्ष चतुर्थी (मासिक)। संध्या पूजा, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, कथा श्रवण। चंद्रोदय बाद पारण। कथा: ब्राह्मण→व्रत→संकट दूर। माघ चतुर्थी सर्वश्रेष्ठ।

तांत्रिक साधना में गुरु का होना क्यों अनिवार्य है?

कुलार्णव: 'गुरु बिना मंत्र नहीं।' कारण: मंत्र चैतन्य (गुरु जागृत करें), सूक्ष्म विधि (भूल=गंभीर), शक्ति हस्तांतरण (परंपरा), सुरक्षा कवच (उग्र शक्तियां), अनुभव (ग्रंथ≠अनुभव)। गुरु गीता: 'गु=अंधकार, रु=प्रकाश।'

सावन में शिव की संध्या पूजा की विशेष विधि क्या है?

प्रदोष काल (सूर्यास्त ±1.5 घंटे)। जलाभिषेक → बेलपत्र → धूप-दीपक → रुद्राष्टक/चालीसा → आरती → भोग → कथा। स्कन्द पुराण: प्रदोष = शिव तांडव — सबसे प्रसन्न काल।

शिव की पूजा में प्रदोष काल और निशीथ काल में क्या अंतर है?

प्रदोष: संध्या (सूर्यास्त ±1.5 घंटे) — शिव तांडव, त्रयोदशी व्रत, नियमित। निशीथ: मध्यरात्रि (~12-1 AM) — महाशिवरात्रि मुख्य पूजा, निराकार दर्शन, गहन साधना। प्रदोष = सरल/मासिक; निशीथ = गहन/वार्षिक।

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ किस समय करना सबसे प्रभावी है?

सर्वोत्तम: प्रदोष काल (संध्या) — शिव स्वयं तांडव करते हैं। महाशिवरात्रि रात्रि, सावन सोमवार, सोम प्रदोष पर विशेष। शुद्ध उच्चारण अनिवार्य। लाभ: शत्रु नाश, आत्मबल, कानूनी विजय, नकारात्मकता रक्षा। दैनिक 1-3-11 बार।

आध्यात्मिक अनुभवों को दूसरों से साझा करना चाहिए या नहीं?

सामान्य: गोपनीय रखें। कारण: अहंकार↑, शक्ति क्षय (बीज खोलें=सूखे), उपहास/ईर्ष्या। किसे बताएँ: गुरु=अवश्य, सहसाधक=सीमित, परिवार=सावधानी। अपवाद: गुरु कहें, दूसरों को मार्गदर्शन (विनम्रता से)। कबीर: 'बोलना कहाँ बुद्धिमानी, बोले वहाँ हानि।'

रुद्राभिषेक कराने का सबसे उत्तम दिन कौन सा होता है?

सर्वोत्तम: सावन का सोमवार और महाशिवरात्रि। फिर: सोम प्रदोष (सोमवार + त्रयोदशी) > मासिक शिवरात्रि > प्रत्येक सोमवार। किसी भी दिन किया जा सकता है, पर ऊपर बताए गए अवसर विशेष फलदायी।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

श्रीराम को आग्नेयास्त्र कैसे मिला?

श्रीराम को आग्नेयास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र से मिला था जो उन्हें राक्षसों से यज्ञ की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए दिया गया था।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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