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26 मार्च 2026

26 मार्च 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

26 मार्च 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा
योग
शोभन
करण
बव
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
चैत्र
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:36

आज के पर्व

राम

26 मार्च 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

राम के तूणीर (तरकश) का नाम क्या था?

वाल्मीकि रामायण में राम के तरकश का विशेष नाम स्पष्ट नहीं है। परवर्ती परंपराओं में इसे 'अक्षय तूणीर' कहते हैं — जिसमें बाण कभी समाप्त नहीं होते। धनुष का नाम कोदंड था।

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

वैष्णवास्त्र किन-किन के पास था?

वैष्णवास्त्र श्री राम, मेघनाद, परशुराम, भगदत्त (नरकासुर पुत्र) और प्रद्युम्न (कृष्ण पुत्र) के पास था।

कुंभकर्ण पर इंद्रास्त्र के प्रयोग से क्या हुआ?

इंद्रास्त्र के दिव्य बाणों ने कुंभकर्ण की एक विशाल भुजा काट दी जिससे वह अपंग हो गया और युद्ध का पासा पलट गया।

रामायण में इंद्रास्त्र का प्रयोग किसने और किस पर किया?

रामायण में भगवान श्री राम ने लंका युद्ध के दौरान कुंभकर्ण पर इंद्रास्त्र का प्रयोग किया था।

राम ने जयंत पर कौन सा अस्त्र चलाया था?

राम ने जयंत पर घास का एक तिनका ब्रह्मास्त्र से अभिमंत्रित करके चलाया। जयंत तीनों लोकों में भागा पर शरण नहीं मिली — अंत में राम की शरण में आया। राम ने क्षमा किया, एक आँख दंड में ली।

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

कोदंड धनुष क्या है?

कोदंड राम का दिव्य बांस-निर्मित धनुष है। इस पर एक बार बाण चढ़ने पर वह अचूक लक्ष्य भेदकर ही लौटता था। इसी से उन्होंने राक्षसों का संहार किया और इसे उठाने मात्र से समुद्र देव प्रकट हो गए।

पाशुपतास्त्र किसके पास था

पाशुपतास्त्र मूलतः शिव के पास था। महाभारत में किरात-परीक्षा के बाद शिव ने अर्जुन को दिया। श्रीराम के पास भी यह था। मेघनाद ने इस पर विजय प्राप्त की थी।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

नागपाश से राम और लक्ष्मण को कैसे मुक्ति मिली?

नागों के परम शत्रु गरुड़ देव के आकाश से उतरते ही सभी नाग भय से भाग गए और राम-लक्ष्मण नागपाश से मुक्त हो गए।

रामायण में नागपाश का प्रयोग किसने और किस पर किया?

रामायण में लंका युद्ध के दौरान मेघनाद ने नागपाश का प्रयोग श्रीराम, लक्ष्मण और पूरी वानर सेना पर किया था।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

राम ने मारीच पर ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया?

वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम ने मारीच पर ब्रह्मास्त्र नहीं, बल्कि मानव अस्त्र से अभिमंत्रित बिना-फल-वाला बाण चलाया जो उसे 100 योजन दूर समुद्र के पार फेंक गया — वध नहीं किया।

राम को पाशुपतास्त्र किसने दिया था?

रामायण में एक मत के अनुसार विश्वामित्र ने राम को शिव का शूल/पाशुपत सम्बंधी अस्त्र दिया था। महाभारत में पाशुपतास्त्र शिव ने सीधे अर्जुन को दिया था — यह अधिक स्पष्ट है।

राम भगवान की पूजा कैसे करें?

तुलसी+पीले फूल+चंदन+घी दीपक। 'ॐ श्रीरामाय नमः' 108। रामचरितमानस/चालीसा। रामनवमी/मंगल/गुरुवार। तुलसी=राम प्रिय। सरलतम: तुलसी+जल+'राम'=पूर्ण।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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