भक्ति उपायघर में लक्ष्मी कैसे आएगी?घर में लक्ष्मी लाने के उपाय: घर स्वच्छ रखें, ब्रह्ममुहूर्त में जागें, तुलसी पूजन करें, संध्या दीप जलाएं, दान करें और श्री सूक्त का नित्य पाठ करें। कलह, अन्न का अपमान, आलस्य और टूटे सामान से लक्ष्मी चली जाती हैं।#घर में लक्ष्मी#उपाय#स्वागत
भक्ति उपायलक्ष्मी जी को प्रसन्न कैसे करें?लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के उपाय: घर स्वच्छ रखें, तुलसी पूजन करें, श्री सूक्त का नित्य पाठ करें, विष्णु पूजन और दान करें। ब्रह्ममुहूर्त में जागें और कलह, आलस्य, अन्न का अपमान व झूठ से बचें।#लक्ष्मी प्रसन्नता#उपाय#लक्ष्मी कृपा
व्रत विधिशुक्रवार को लक्ष्मी पूजा कैसे करें?शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर, लक्ष्मी जी को कमल-गुलाब अर्पित करें, सिंदूर-कुमकुम लगाएं, श्री सूक्त पाठ करें और 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें। वैभवलक्ष्मी व्रत 11 या 21 शुक्रवार तक करें।#शुक्रवार व्रत#शुक्रवार पूजा#लक्ष्मी व्रत
पर्व पूजादीपावली पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?दीपावली पर स्थिर लग्न में प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें। घर साफ करें, रंगोली बनाएं, 16 दीप जलाएं, श्री सूक्त पाठ करें, 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप करें और कुबेर पूजन भी करें।#दीपावली#लक्ष्मी पूजा#दीपावली विधि
पूजा विधिलक्ष्मी पूजन की सही विधि क्या है?लक्ष्मी पूजन में लक्ष्मी ध्यान, पंचामृत स्नान, पीत वस्त्र, सिंदूर-कुमकुम, कमल-गुलाब, श्री सूक्त पाठ, 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का 108 बार जप और आरती करें। शुक्रवार प्रदोष काल में यह पूजा सर्वाधिक फलदायी है।#लक्ष्मी पूजन#विधि#षोडशोपचार
लक्ष्मी पूजालक्ष्मी जी के आठ रूपों की अलग-अलग पूजा कैसे करें?8 रूप: आदि (कमल), धन (सिक्का), धान्य (अन्न), गज (श्वेत), सन्तान (पीला), वीर (लाल), विजय (श्रृंगार), विद्या (पुस्तक)। अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र — 8 श्लोक = 8 पुष्प।#अष्ट लक्ष्मी#8 रूप#अलग पूजा
श्री विद्याश्री यंत्र को घर में कहाँ और कैसे स्थापित करें?ईशान कोण (उत्तर-पूर्व), ऊंचे स्थान। ताम्रपत्र/रजत/स्फटिक। दीपावली/शुक्रवार। पंचामृत शुद्धि + श्री सूक्त + 108 जप। प्रतिदिन दीपक + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार। शयनकक्ष/शौचालय से दूर।#श्री यंत्र#घर#स्थापना
श्री विद्याश्री यंत्र की नवावरण पूजा कैसे करें?गुरु दीक्षा अनिवार्य। बाहर (भूपुर)→भीतर (बिंदु) क्रमिक। प्रत्येक आवरण: विशिष्ट देवी+मुद्रा+मंत्र। ललिता सहस्रनाम/त्रिशती। [समीक्षा आवश्यक] — विस्तृत विधि गुरुमुखी। सामान्य: सहस्रनाम+यंत्र दर्शन=सुरक्षित।#नवावरण#पूजा#श्री विद्या
लक्ष्मी व्रतमहालक्ष्मी व्रत सोलह दिन कैसे रखें?भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से 16 दिन। प्रतिदिन लक्ष्मी पूजा + कथा। 16 सूत डोरा। एक समय भोजन। उद्यापन: ब्राह्मण/सुहागिन भोजन+दान। 16 = पुष्प/सुपारी/श्रृंगार।#महालक्ष्मी#16 दिन#व्रत
लक्ष्मी मंत्रलक्ष्मी गायत्री मंत्र का जप धन प्राप्ति के लिए कैसे करें?'ॐ महादेव्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।' 108 बार, स्फटिक माला। शुक्रवार/पूर्णिमा। 40 दिन अनुष्ठान। धन+व्यापार+ऋण मुक्ति।#लक्ष्मी गायत्री#धन#जप