दिव्यास्त्रवायव्यास्त्र ने संशप्तकों के साथ युद्ध में क्या किया?संशप्तकों ने अर्जुन को घेरकर बाण वर्षा की तो अर्जुन ने वायव्यास्त्र चलाया। प्रचंड वायु ने बाण वर्षा रोक दी और शत्रु के घोड़े-रथ-योद्धा सूखे पत्तों की तरह उड़ गए।#वायव्यास्त्र#संशप्तक#अर्जुन
दिव्यास्त्रभगदत्त ने अर्जुन पर वैष्णवास्त्र क्यों चलाया?भगदत्त ने कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरव पक्ष की ओर से लड़ते हुए पांडव योद्धा अर्जुन पर वैष्णवास्त्र चलाया था।#भगदत्त
दिव्यास्त्रमहाभारत में इंद्रास्त्र का सबसे ज्यादा प्रयोग किसने किया?महाभारत में इंद्रास्त्र का सबसे ज्यादा प्रयोग अर्जुन ने किया। यह उनके शस्त्रागार का मुख्य हथियार था जिसे वे बड़ी सेनाओं को नष्ट करने के लिए बार-बार प्रयोग करते थे।#महाभारत#इंद्रास्त्र#अर्जुन
दिव्यास्त्रक्या भगदत्त ने अर्जुन पर भौमास्त्र चलाया था?नहीं, यह एक भ्रम है। भगदत्त ने अर्जुन पर भौमास्त्र नहीं बल्कि वैष्णवास्त्र चलाया था जो भगवान विष्णु का व्यक्तिगत अस्त्र था।#भगदत्त#भौमास्त्र#भ्रम
अस्त्र शस्त्रअर्जुन के धनुष का नाम क्या है?अर्जुन के धनुष का नाम 'गांडीव' था। इसे विश्वकर्मा ने बनाया था। यह एक लाख धनुषों के बराबर, 108 प्रत्यंचाओं वाला अत्यंत दिव्य धनुष था।#गांडीव#अर्जुन#महाभारत
दिव्यास्त्रमहाभारत में अर्जुन ने नागास्त्र का प्रयोग कब किया?महाभारत में जब हजारों संसप्तक योद्धाओं ने अर्जुन को घेरकर आक्रमण किया तब अर्जुन ने उन्हें रोकने के लिए नागास्त्र का प्रयोग किया।#महाभारत#अर्जुन#नागास्त्र
महाभारतकुरुक्षेत्र युद्ध कितने दिन चला?कुरुक्षेत्र युद्ध 18 दिन चला। पहले 10 दिन भीष्म, फिर 5 दिन द्रोण, 2 दिन कर्ण और अंतिम दिन शल्य सेनापति रहे। 18वें दिन दुर्योधन की मृत्यु के साथ युद्ध समाप्त हुआ और पांडवों की विजय हुई।#कुरुक्षेत्र#महाभारत युद्ध#18 दिन
महाभारतयुद्ध से पहले दोनों पक्षों में कितने योद्धा थे?महाभारत में कौरव पक्ष के पास 11 अक्षौहिणी और पांडव पक्ष के पास 7 अक्षौहिणी सेना थी। कुल 18 अक्षौहिणी — जो लाखों योद्धाओं के बराबर थी। 18 दिन के युद्ध के बाद दोनों पक्षों से मिलाकर केवल 18 के आसपास योद्धा जीवित बचे।#कुरुक्षेत्र#सेना#कौरव
महाभारतकृष्ण ने अर्जुन को गीता क्यों सुनाई?कुरुक्षेत्र में युद्ध से पहले अर्जुन अपने स्वजनों को देखकर मोह और शोक में डूब गए और युद्ध करने से इनकार कर बैठे। उनके इस अज्ञानजनित मोह को दूर करने और धर्म के सही स्वरूप को समझाने के लिए श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।#गीता#कृष्ण#अर्जुन
महाभारत परिचयमहाभारत की कहानी क्या है?महाभारत वेदव्यास रचित 1,00,000 श्लोक, 18 पर्वों का विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है। पांडव और कौरव के बीच हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए संघर्ष — द्यूत, वनवास, 18 दिन का कुरुक्षेत्र युद्ध। श्री कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का ज्ञान इसी युद्ध में दिया।#महाभारत#कुरुक्षेत्र#पांडव
पर्व एवं त्योहारगीता जयंती कब और क्यों मनाते हैं?गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा एकादशी) को मनाई जाती है। इसी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। यह एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है।#गीता जयंती#भगवद्गीता#मोक्षदा एकादशी
अस्त्र शस्त्रकुरुक्षेत्र युद्ध में 18 दिन कौन-कौन से अस्त्र प्रमुख रहे?14वाँ दिन सर्वाधिक दिव्यास्त्रों वाला था — पाशुपतास्त्र, नारायणास्त्र, वासवी शक्ति। 17वें दिन अंजलिकास्त्र से कर्ण वध। सौप्तिकपर्व में ब्रह्मास्त्र/ब्रह्मशिरास्त्र का प्रयोग।#18 दिन अस्त्र#कुरुक्षेत्र#दिन-वार
अस्त्र शस्त्रकर्ण को ब्रह्मास्त्र चलाने से क्यों रोका गया?कर्ण को किसी ने नहीं रोका — परशुराम के श्राप के कारण ठीक उस निर्णायक क्षण में जब रथ का पहिया धँसा और अर्जुन सामने था, ब्रह्मास्त्र के मंत्र उनकी स्मृति से लुप्त हो गए।#कर्ण#ब्रह्मास्त्र#परशुराम श्राप