विस्तृत उत्तर
कुरुक्षेत्र के 18 दिवसीय युद्ध में प्रत्येक दिन अलग-अलग अस्त्र प्रमुख रहे।
प्रारंभिक दिन (1-10) — भीष्म सेनापति थे। प्रस्वापनास्त्र का उल्लेख है। भीष्म के दिव्य बाण-वर्षा, भीमसेन का गदा-युद्ध। ब्रह्मास्त्र का प्रयोग नहीं हुआ।
10वाँ दिन — शिखंडी को सामने कर अर्जुन के गांडीव से बाण-वर्षा से भीष्म शरशय्या पर। पर्जन्यास्त्र से जल निकाला।
12-13वाँ दिन (द्रोण सेनापति) — द्रोण के नाना अस्त्र, ब्रह्मास्त्र संभव। चक्रव्यूह और अभिमन्यु वध।
14वाँ दिन — सर्वाधिक दिव्यास्त्र: पाशुपतास्त्र (अर्जुन → जयद्रथ वध), नारायणास्त्र (अश्वत्थामा), वासवी शक्ति (कर्ण → घटोत्कच वध), वायव्यास्त्र, इंद्रास्त्र। रात्रि युद्ध।
15-16वाँ दिन — द्रोण वध। कर्ण सेनापति।
17वाँ दिन — अंजलिकास्त्र (अर्जुन → कर्ण वध), कर्ण के अनेक अस्त्र-शस्त्र।
18वाँ दिन और सौप्तिकपर्व — ब्रह्मास्त्र/ब्रह्मशिरास्त्र (अश्वत्थामा एवं अर्जुन)।





