भक्ति एवं आध्यात्मजब बहुत दुखी हों तो भगवान को कैसे मनाएँ?
दुख में भगवान के सामने सच्चे मन से रोएँ, नाम जपें, शरणागति के भाव से कहें — 'मैं तुम्हारा हूँ'। गीता (18.66) में कृष्ण कहते हैं — केवल मेरी शरण आओ, शोक मत करो। प्रह्लाद, शबरी और कुंती — सभी के दुख में ईश्वर साथ रहे।
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