शिव मायाशिव की माया क्या करती है?शिव की माया ब्रह्मा और विष्णु को मोहित करती है; कल्प के आरम्भ में ब्रह्मा का ज्ञान भी उससे नष्ट हो जाता है।#शिव माया#मोह#ब्रह्मा
शिव मायाब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे को क्यों नहीं पहचान पाए?वे महात्मा शिव की माया से मोहित थे, इसलिए ब्रह्मा विष्णु को पहचान नहीं पाए और दोनों अपने-अपने आदिकर्ता भाव में बोलने लगे।#ब्रह्मा#विष्णु#शिव माया
श्रीमद्भागवतकुंती ने कृष्ण से मोह छुड़ाने की प्रार्थना क्यों की?कुंती ने यदुवंशियों और पांडवों के प्रति मजबूत ममता को काटने और अपनी बुद्धि को गंगा की धारा की तरह कृष्ण में लगाने की प्रार्थना की।#कुंती#मोह#कृष्ण भक्ति
अविद्यातम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।#तम#मोह#महामोह
अविद्याअविद्या के पांच प्रकार कौन से हैं?अविद्या के पांच प्रकार तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र बताए गए हैं।#अविद्या#तम#मोह
अविद्यापंचपर्वा अविद्या क्या है?पंचपर्वा अविद्या वे पांच अविद्याएँ हैं जो ब्रह्मा से पहले उत्पन्न हुईं: तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र।#पंचपर्वा अविद्या#अविद्या#तम
श्रीमद्भागवतभागवत सुनने से मोह कैसे मिटता है?कथामृत पीने से सबका मोह नष्ट हुआ; शुकदेवजी ने भक्ति को पुत्रों सहित अपने शास्त्र में स्थापित किया।#मोह#भागवत श्रवण#भक्ति
श्रीमद्भागवतगोकर्ण ने संसार को असार क्यों कहा?गोकर्ण ने संसार को दुखरूप, मोहक और क्षणभंगुर कहा; पुत्र, धन और शरीर को स्थायी मानना अज्ञान बताया।#संसार#गोकर्ण#वैराग्य
श्रीमद्भागवतसत्संग से विवेक कैसे जागता है?कहा गया है कि सत्संग अज्ञानजनित मोह और मद का अंधकार मिटाकर विवेक जगाता है।#सत्संग#विवेक#अज्ञान
लोकतमस मोह महा मोह क्या हैतमस् देह-अज्ञान, मोह ममता और महा-मोह भोग-विलास की अंधी आसक्ति है।#तमस्#मोह#महा मोह
लोकमधु कैटभ को मारने में महामाया ने कैसे सहायता की?महामाया ने विष्णु को जगाया और मधु कैटभ को मोह में डालकर वध का मार्ग बनाया।#महामाया सहायता#मधु कैटभ वध#मोह
लोकधन, घर या व्यक्ति से मोह भूत बनने का कारण क्यों है?मृत्यु के समय धन, घर या व्यक्ति से तीव्र मोह आत्मा को पृथ्वी से बाँध देता है, जिससे भूत योनि बनती है।#मोह#भूत योनि#धन
लोकअपूर्ण इच्छाओं से भूत योनि कैसे बनती है?मृत्यु के समय अधूरी इच्छा, मोह, धन या बदले की भावना आत्मा को पृथ्वी पर रोककर भूत योनि बना देती है।#अपूर्ण इच्छाएँ#भूत योनि#वासना
लोकभूत पृथ्वी लोक में क्यों अटका रहता है?भूत पृथ्वी लोक में तीव्र मोह, धन, घर, व्यक्ति या बदले की अधूरी इच्छा के कारण अटका रहता है।#भूत#पृथ्वी लोक#आसक्ति
लोकतलातल की स्त्रियाँ तपस्वियों को भी मोह में कैसे डाल सकती हैं?उनका तीव्र सौंदर्य, रत्नाभूषण, सुगंध और आकर्षण तपस्वियों को भी मोह में डाल सकता है।#तलातल स्त्रियाँ#तपस्वी#मोह
लोकतलातल की दैत्य कन्याओं का सौंदर्य कैसा है?तलातल की दैत्य कन्याओं का सौंदर्य इतना आकर्षक है कि तपस्वी भी मोह में पड़ सकते हैं।#दैत्य कन्याएँ#तलातल सौंदर्य#मोह
जीवन एवं मृत्युमृत्यु के समय परिवार का क्या प्रभाव होता है?परिवार से मोह मृत्यु को कष्टकारी बनाता है — ऐसी आत्मा प्राण छोड़ने में कठिनाई अनुभव करती है। परिजनों का शांत भाव, ईश्वर-स्मरण और गीता-पाठ मरणासन्न व्यक्ति की चेतना को शांत रखता है।#मृत्यु#परिवार#मोह