औपसर्गिक ऐश्वर्यमानस गुण क्या हैं?इच्छित वस्तु की प्राप्ति, जहाँ चाहें जाना, गुप्त पदार्थ देखना, इच्छानुसार रूप धारण करना और जगत देखना मानस गुण हैं।#मानस गुण#इच्छित वस्तु#रूप धारण
औपसर्गिक ऐश्वर्यवायु संबंधी ऐश्वर्य क्या है?मन की गति पाना, दूसरों के अन्तर्मन में निवास, हल्का-भारी होना, वायु पकड़ना और आकाश तत्त्व से देह धारण करना वायु ऐश्वर्य है।#वायु ऐश्वर्य#मन की गति#हल्का भारी
औपसर्गिक ऐश्वर्यजल संबंधी ऐश्वर्य क्या है?जल में निवास, जल से बाहर आने की शक्ति, समुद्र पान, जल दर्शन, रसयुक्त भक्षण और जलपिण्ड धारण जैसे गुण जल संबंधी ऐश्वर्य हैं।#जल ऐश्वर्य#आप्य ऐश्वर्य#समुद्र पान
औपसर्गिक ऐश्वर्यपार्थिव ऐश्वर्य क्या है?शरीर की स्थूलता, ह्रस्वता, बालकपन, वृद्धता, यौवन, अनेक रूप, विशेष देहधारण और सुगन्ध ये पार्थिव गुण बताए गए हैं।#पार्थिव ऐश्वर्य#शरीर परिवर्तन#स्थूलता
उपसर्ग और सिद्धियाँवार्ता सिद्धि क्या है?बुद्धि से दिव्य गन्धों का गन्धतन्मात्रा रूप में यथार्थ अनुभव करना वार्ता सिद्धि है।#वार्ता सिद्धि#दिव्य गन्ध#गन्धतन्मात्रा
उपसर्ग और सिद्धियाँआस्वाद सिद्धि क्या है?दिव्य रसों का सहज और यथार्थ ज्ञान होना आस्वाद सिद्धि है।#आस्वाद सिद्धि#दिव्य रस#रस ज्ञान
उपसर्ग और सिद्धियाँदर्शना सिद्धि क्या है?बिना प्रयास दिव्य रूपों का नेत्रेन्द्रिय से दिखाई पड़ना दर्शना सिद्धि है।#दर्शना सिद्धि#दिव्य रूप#नेत्रेन्द्रिय
उपसर्ग और सिद्धियाँवेदना सिद्धि क्या है?स्पर्श की अनुभूति को वेदना सिद्धि कहा गया है।#वेदना सिद्धि#स्पर्श#अनुभूति
उपसर्ग और सिद्धियाँश्रवणा सिद्धि क्या है?बिना प्रयास सभी शब्द, स्वर और गुह्य ध्वनि सुनकर उनका यथार्थ ज्ञान होना श्रवणा सिद्धि है।#श्रवणा सिद्धि#शब्द ज्ञान#स्वर
उपसर्ग और सिद्धियाँप्रतिभा सिद्धि क्या है?भूत, भविष्य, सूक्ष्म, अदृष्ट, दूरस्थ और समीप पदार्थों का ज्ञान देने वाली वृत्ति प्रतिभा सिद्धि कही गई है।#प्रतिभा सिद्धि#भूत भविष्य ज्ञान#सूक्ष्म ज्ञान
उपासना का फलनंदीशेनेश्वर शिवलिंग के दर्शन और दान के क्या फायदे (फल) हैं?इसके दर्शन और अभिषेक मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक मृत्यु के पश्चात 'शिवलोक' प्राप्त करता है। पूजा के बाद गोदान या अन्न-दान करने से योग-साधना निर्विघ्न पूर्ण होती है।#शिवलोक प्राप्ति#दान विधान#पाप नाश