📖
विस्तृत उत्तर
श्रवणा सिद्धि वह है जिसमें साधक बिना किसी प्रयास के शब्दों का यथार्थ ज्ञान कर लेता है। पाठ में सभी शब्द, ह्रस्व, दीर्घ, प्लुत आदि स्वर और गुह्य ध्वनि का बिना प्रयास श्रवण होकर उनका ठीक ज्ञान होना श्रवणासिद्धि कहा गया है। यह छह स्वल्प सिद्धियों में दूसरी सिद्धि है। इसका सम्बन्ध श्रवण-शक्ति और सूक्ष्म ध्वनियों के यथार्थ बोध से है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 9, PDF पृष्ठ 53, श्लोक 18-19
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





