दिव्यास्त्रनागपाश किसका अस्त्र थानागपाश भगवान ब्रह्मा का निर्मित अस्त्र था जो मेघनाद (इंद्रजीत) को वरदान में मिला था। मेघनाद इसे अत्यंत कठिन स्थिति में ही प्रयोग करता था क्योंकि यह उसका सर्वाधिक घातक अस्त्र था।#नागपाश#मेघनाद इंद्रजीत#शिव वरदान
गणेश कथागणेश जी को प्रथम पूज्य क्यों बनाया गया?गणेश जी प्रथम पूज्य दो कारणों से बने — पहला: पार्वती जी के क्रोध को शांत करने के लिए शिव ने यह वरदान दिया। दूसरा: ब्रह्मांड-परिक्रमा प्रतियोगिता में गणेश जी ने माता-पिता की परिक्रमा करके बुद्धि से विजय पाई।#गणेश प्रथम पूज्य#विघ्नहर्ता
गणेश कथाशिव ने गणेश जी को हाथी का सिर कैसे लगाया?शिव पुराण के अनुसार शिव जी ने गणों को उत्तर दिशा में भेजा। वहाँ माँ की तरफ पीठ करके सोते हुए हाथी के बच्चे का सिर लाया गया। शिव जी ने उसे गणेश के धड़ से जोड़कर मंत्रबल से प्राण डाले और गणेश जी पुनर्जीवित हुए।#गणेश हाथी सिर#शिव वरदान#गजमुख
अस्त्र शस्त्रपरशुराम के फरसे का नाम क्या है?परशुराम के फरसे का नाम 'परशु' है, और शास्त्रों में इसे 'विद्युदभि' भी कहा जाता है। यह शिव-प्रदत्त दिव्य फरसा था जिसके कारण वे 'परशुराम' कहलाए।#परशु#विद्युदभि#परशुराम
शिव लीलाभस्मासुर ने शिव जी से क्या वरदान माँगा था?भस्मासुर ने शिव से वरदान माँगा कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखे, वह तत्काल भस्म हो जाए। शिव ने 'एवमस्तु' कहकर दे दिया। वरदान पाते ही भस्मासुर ने शिव जी पर ही इसे आजमाने का दुस्साहस किया।#भस्मासुर वरदान#भस्म शक्ति#शिव वरदान
अस्त्र शस्त्रतपस्या करने से कौन से अस्त्र मिलते थे?शिव तपस्या से पाशुपतास्त्र, विष्णु उपासना से नारायणास्त्र, इंद्र की कृपा से वज्रास्त्र-इंद्रास्त्र-सम्मोहनास्त्र। यम-वरुण-कुबेर से भी अस्त्र मिले। तपस्या में परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती थी।#तपस्या अस्त्र#अर्जुन तपस्या#पाशुपतास्त्र
लोकभगवान शिव ने मय दानव को क्या वरदान दिया?शिव ने मय दानव को तलातल का राज्य, अभय दान और अपनी रक्षा का वरदान दिया।#शिव वरदान#मय दानव#तलातल
परिवार और सती-पार्वतीगणेश को 'प्रथम पूज्य' का वरदान क्यों मिला?शिव गणेश की ज्ञाननिष्ठा से प्रसन्न हुए → 'प्रथम पूज्य' का सर्वोच्च वरदान दिया। शिव पुराण: जब शक्ति और ज्ञान/बुद्धि के बीच संघर्ष हो — केवल शिव तत्त्व (परम चेतना) ही संतुलन स्थापित कर सकता है।#गणेश प्रथम पूज्य#ज्ञाननिष्ठा#शिव वरदान
भैरव परिचयभैरव को 'पाप-भक्षक' क्यों कहते हैं?शिव ने भैरव को वरदान दिया कि वे अपने भक्तों के पापों का क्षण भर में भक्षण कर लेंगे — इसीलिए वे 'पाप-भक्षक' कहलाते हैं।#पाप भक्षक#शिव वरदान#भक्त पाप
भैरव परिचयभैरव को 'कालभैरव' क्यों कहते हैं?शिव ने कहा: 'तुम काल के भी काल की तरह चमकते हो — इसलिए कालराज और चूँकि काल भी तुमसे भयभीत होगा इसलिए कालभैरव।' यह नाम समय और मृत्यु पर उनके पूर्ण अधिकार को दर्शाता है।#कालभैरव नाम#काल भयभीत#कालराज
गणेश कथाशिव ने किस वरदान से गणेश को सभी देवों में अग्रपूज्य बनाया?शिव जी ने गणेश को तीन वरदान दिए — प्रथम पूजा का अधिकार, विघ्नहर्ता का पद और गणों के अधिपति का पद। साथ ही ब्रह्मा और विष्णु ने भी आशीर्वाद दिया। इस प्रकार गणेश जी सभी देवों में अग्रपूज्य बने।#गणेश अग्रपूज्य#शिव वरदान#विघ्नहर्ता वरदान