विस्तृत उत्तर
भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और रिद्धि-सिद्धि के दाता हैं। शिव पुराण की कथा दर्शाती है कि जीवन में जब शक्ति (कार्तिकेय या पार्वती का आक्रोश) और ज्ञान/बुद्धि (गणेश) के बीच संघर्ष उत्पन्न होता है, तो केवल शिव तत्त्व (परम चेतना) ही उस संघर्ष को शांत कर संतुलन स्थापित कर सकता है।
शिव ने ही गणेश की ज्ञाननिष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें सभी देवताओं में 'प्रथम पूज्य' होने का सर्वोच्च वरदान दिया।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





