विस्तृत उत्तर
नागपाश भगवान ब्रह्मा का निर्मित अस्त्र है और यह मेघनाद (इंद्रजीत) के सबसे घातक अस्त्रों में से एक था।
मूल निर्माण — नागपाश का निर्माण स्वयं भगवान ब्रह्मा ने किया था। दुष्टों का संहार करने के लिए यह अस्त्र बना था।
मेघनाद को प्राप्ति — वाल्मीकि रामायण और अन्य परंपराओं के अनुसार मेघनाद ने कठोर तपस्या से अनेक अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। एक परंपरा के अनुसार भगवान शिव ने ब्रह्मदेव से नागपाश अस्त्र माँगकर वरदान रूप में मेघनाद को दिया था। मेघनाद के पास ब्रह्मास्त्र, नारायणास्त्र और पाशुपतास्त्र भी थे।
मेघनाद की विशेषता — मेघनाद ही ऐसा योद्धा था जिसने तीनों त्रिदेवों के महास्त्रों पर विजय प्राप्त की थी। नागपाश उसका एक प्रमुख अस्त्र था जिसे वह अत्यंत विकट परिस्थिति में ही प्रयोग करता था।





