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क्या है

पूजा क्या है?(10)

पूजा का अर्थपूजा क्या है?पूजा का महत्व
सरल उत्तर

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

स्रोत प्रश्न: शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है? →
शिव साधना

शिव यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?

सोमवार/शिवरात्रि। गंगाजल शुद्धि → 108 मंत्र जप → लाल/सफेद वस्त्र पर स्थापन → चंदन-अक्षत-फूल → दीपक-आरती। उत्तर/पूर्व दिशा। प्रतिदिन जल छिड़कें + दीपक + जप। खंडित हो तो विसर्जन।

#शिव यंत्र#स्थापना#विधि
लक्ष्मी पूजा

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है?

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

#शुक्रवार#लक्ष्मी#विधान
शिव पूजा विधि

शिव के साथ पार्वती की पूजा करने का विधान क्या है?

शिवलिंग = शिव+पार्वती (जलाधारी = पार्वती)। पहले गणेश → शिव (बेलपत्र) → पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार)। शिवलिंग पर सिंदूर वर्जित — पार्वती प्रतिमा पर। दाम्पत्य सुख, मनचाहा वर, कलह निवारण।

#शिव-पार्वती#गौरी#पूजा
लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी जी की पूजा रात को करने का कारण क्या है?

समुद्र मंथन → लक्ष्मी रात्रि प्रकट। अमावस्या = अंधकार → दीपक = लक्ष्मी। प्रदोष = देव पूजा काल। रात्रि = शांत → लक्ष्मी स्थिर। स्थिर लग्न + प्रदोष = दीपावली मुहूर्त।

#रात#पूजा#कारण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह की पूरी विधि क्या है?

पूरी विधि में मुहूर्त, धन-व्यवस्था, निमंत्रण, स्थान, मंडप, वक्ता, पूजा, नियम, श्रवण, कीर्तन और उद्यापन शामिल हैं।

#भागवत सप्ताह#विधि#पूजा
लोक

शालिग्राम क्या होता है?

शालिग्राम गंडकी नदी से मिलने वाला भगवान विष्णु का पवित्र शिला-स्वरूप है।

#शालिग्राम#विष्णु#पूजा
पर्व

दुर्गा पूजा में विजयादशमी पर अपराजिता पूजा क्या है

अपराजिता पूजा: विजयदशमी अपराह्न में। अपराजिता = अपराजित देवी (दुर्गा रूप)। ईशान कोण में अष्टदल कमल → अपराजिता पुष्प (नीले) + शमी पत्र → 'ॐ अपराजितायै नमः'। राम ने लंका विजय पूर्व की। बंगाल: दुर्गा विसर्जन से पूर्व। विजय और सफलता हेतु।

#विजयदशमी#अपराजिता#दुर्गा
आध्यात्मिक महत्व

पूजा का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

पूजा का आध्यात्मिक महत्व: ईश्वर से सीधा संबंध। भागवत नवधा भक्ति में 'अर्चन' (पूजन) — एक अंग। गीता 9.26-28: जीवन के सभी कार्य भगवान को अर्पित करना। मन का परिष्कार — अहंकार क्षय। भक्ति योग — मोक्ष का सुलभ मार्ग।

#आध्यात्मिक महत्व#ईश्वर संबंध#भक्ति
नवदुर्गा

शैलपुत्री की पूजा विधि और मंत्र क्या है?

नवरात्रि दिन 1। हिमालय पुत्री, वृषभ वाहन, त्रिशूल+कमल। मंत्र: 'ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः'। भोग: शुद्ध घी। रंग: पीला। मूलाधार चक्र। कथा: सती → पुनर्जन्म → हिमालय पुत्री → शिव विवाह।

#शैलपुत्री#प्रथम#नवरात्रि
पूजा विधि

पंचदेव पूजा क्या है और कैसे करें?

पंचदेव = शिव+विष्णु+गणेश+सूर्य+देवी। शंकराचार्य (स्मार्त परंपरा) ने सम्प्रदाय एकता के लिए स्थापित। सभी को जल-पुष्प-धूप-दीप-नैवेद्य + मंत्र जप। = सम्पूर्ण हिंदू पूजा एक साथ।

#पंचदेव#पूजा#शिव विष्णु गणेश सूर्य दुर्गा
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