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विस्तृत उत्तर
आज्यपा या काव्य पितर वैश्यों के पितर माने गए हैं। मनुस्मृति के अनुसार वैश्यों के पितर आज्यपा कहलाते हैं, क्योंकि वे आज्य यानी घृत का भक्षण करने वाले माने गए हैं। यह पितृ कोटि वैश्य वर्ण और उनके धर्मपूर्वक संपन्न कर्मों से संबंधित है।
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