📖
विस्तृत उत्तर
ब्रह्महत्या पाँच महापातकों में से एक है। इसका अर्थ है किसी विद्वान और धर्मपरायण ब्राह्मण की हत्या करना। गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसा पापी 'महारव नरक' में जाता है, जहाँ उसे सर्पों और अग्नि द्वारा यातना दी जाती है। इस नरक यातना के पश्चात ऐसा पापी जीव प्रेत योनि में आता है। इस प्रकार ब्रह्महत्या का संबंध पहले नरक यातना और उसके बाद प्रेत योनि की प्राप्ति से बताया गया है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?