विस्तृत उत्तर
बुरे सपनों (दुःस्वप्न) से रक्षा के लिए शास्त्रों में कई मंत्रों का विधान है।
प्रमुख मंत्र (सोने से पहले)
- 1हनुमान चालीसा — सबसे प्रभावी। *'भूत पिशाच निकट नहिं आवै'* — बुरी शक्तियों और दुःस्वप्न से रक्षा।
- 1महामृत्युंजय मंत्र — *'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'* — 11 बार जप। भय, रोग और मृत्यु से रक्षा।
- 1विष्णु स्मरण — *'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'* — 11 या 108 बार।
- 1शिव पंचाक्षर — *'ॐ नमः शिवाय'* — 108 बार।
- 1दुःस्वप्न नाशक श्लोक (प्रचलित):
*'राम स्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्।
शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नं तस्य नश्यति॥'*
— राम, कार्तिकेय, हनुमान, गरुड़ और भीम का सोते समय स्मरण करने से दुःस्वप्न नष्ट होता है।
- 1गायत्री मंत्र — 11 बार जप।
अन्य उपाय
- ▸सोने से पहले शिव या हनुमान का ध्यान करें।
- ▸तकिए के नीचे रुद्राक्ष या हनुमान यंत्र रखें।
- ▸बेडरूम में कपूर जलाएँ।
ध्यान दें: ये मंत्र श्रद्धा और विश्वास से जपने पर प्रभावी होते हैं। यदि समस्या गंभीर हो तो मनोचिकित्सक से भी सलाह लें।





