विस्तृत उत्तर
गरुड़ महातल के नागों के लिए भय का कारण इसलिए हैं क्योंकि वे भगवान विष्णु के वाहन, नित्य पार्षद और सर्पों के ईश्वरीय शत्रु हैं। महातल के नाग अत्यंत शक्तिशाली, बहु-फनों वाले और भौतिक ऐश्वर्य से युक्त हैं, फिर भी गरुड़ से सदैव उद्विग्न रहते हैं। शास्त्रों का संकेत है कि चाहे कोई प्राणी कितना भी संपन्न और परिवार-सुख में लिप्त क्यों न हो, यदि उसका स्वभाव क्रोध, अहंकार और ईश्वरीय शरणागति के अभाव से भरा है, तो गरुड़ के रूप में काल या मृत्यु का भय उसे सताता रहेगा।
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