विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में आत्मा की मृत्यु के बाद की यात्रा और कर्मों के फल का विस्तार से वर्णन है। पापी आत्माएँ यमदूतों द्वारा पाश में बाँधकर यमलोक की यातनाएँ भोगने के लिए ले जाई जाती हैं, तप्त बालू और अंधकारमय मार्ग से गुजरती हैं और विभिन्न नरकों में गिरती हैं। इसके विपरीत अत्यंत पुण्यात्माएँ, निष्काम तपस्वी और ब्रह्मज्ञानी यमलोक के मार्ग से मुक्त होकर सीधे ऊर्ध्व लोकों की ओर जाते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय मनुष्य को मोह-माया त्यागकर श्रीहरि का ध्यान करना चाहिए।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





