विस्तृत उत्तर
हनुमानजी कलियुग के जाग्रत देवता हैं — शीघ्र प्रसन्न होने वाले और शीघ्र संकट दूर करने वाले। उनकी कृपा के संकेत भी स्पष्ट और शीघ्र मिलते हैं।
आंतरिक संकेत — जब हनुमान जी की कृपा होती है तो मन से भय और घबराहट गायब होने लगती है। शरीर में एक अजीब शक्ति और साहस का अनुभव होता है जो बिना किसी स्पष्ट कारण के आता है।
स्वप्न में संकेत — स्वप्न में शांत और मुस्कुराते हनुमान जी का दर्शन, या सफेद/लाल रंग का शांत बंदर दिखना — कृपा के शुभ संकेत हैं। स्वप्न में लाल सिंदूर या हनुमानजी द्वारा आशीर्वाद देना भी कृपा का संकेत है।
जीवन में बदलाव — जो काम बन रहे थे वे बनते चले जाएँ, जहाँ जाएँ वहाँ काम मुँह से माँगने से पहले ही पूरा हो जाए — यह हनुमान जी की विशेष कृपा का अनुभव है। बाधाएँ और भय स्वतः दूर होने लगें।
हनुमान चालीसा में कहा गया है — 'और मनोरथ जो कोई लावै, सोई अमित जीवन फल पावै' — जो भी इच्छा मन में लाए वह पूरी होने लगे — यह कृपा का फल है।





