विस्तृत उत्तर
हनुमान जी कलियुग के जाग्रत और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उन्हें प्रसन्न करना अन्य देवताओं की तुलना में सरल है।
सबसे सरल उपाय:
पहला — हनुमान चालीसा — यह 40 चौपाइयों का महाकवच है जिसे तुलसीदास जी ने स्वयं हनुमान जी की कृपा से लिखा। प्रतिदिन सुबह-शाम एक बार हनुमान चालीसा पढ़ें। पंडोखर सरकार के अनुसार — हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले 108 बार राम नाम जपने से हनुमान जी की कृपा तत्काल मिलती है।
दूसरा — मंगलवार पूजन — मंगलवार को प्रातः स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाएँ, सिंदूर-चमेली का तेल और माला चढ़ाएँ, हनुमान चालीसा पढ़ें।
तीसरा — राम नाम जप — हनुमान जी राम के परम भक्त हैं। 'राम-राम' जपने से हनुमान जी स्वतः प्रसन्न होते हैं। पंडोखर सरकार ने कहा — 'राम नाम का सहारा लेकर हनुमान जी को मन से पुकारो तो वे तुरंत जागृत होंगे।'
चौथा — शनिवार पूजन — शनिवार को भी हनुमान पूजन अत्यंत फलदायी है। शनिदेव ने हनुमान जी से प्रसन्न होकर वरदान दिया था कि उनके भक्तों को शनि-दोष नहीं लगेगा।
पाँचवाँ — सात्विक जीवन — हनुमान जी को सात्विकता और अनुशासन प्रिय है। पूजा वाले दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।





