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विस्तृत उत्तर
जनलोक के निवासी त्रिकाल भय से पूरी तरह मुक्त होते हैं। त्रिकाल भय का अर्थ है भूतकाल का पश्चाताप, वर्तमान का तनाव और भविष्य की चिंता। जनलोक में काल का प्रभाव अत्यंत धीमा और भिन्न रूप में कार्य करता है। यहाँ की आत्माएँ शाश्वत चिंतन में मग्न रहती हैं। वे भौतिक क्लेशों, भय, आसक्ति, बुढ़ापा, रोग और मृत्यु के प्रभाव से मुक्त मानी गई हैं।
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