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विस्तृत उत्तर
जनलोक के निवासियों का स्वरूप और आध्यात्मिक बल साक्षात् ब्रह्मा के समान बताया गया है। अंतर केवल इतना है कि उनके पास संपूर्ण ब्रह्मांड पर आधिपत्य या स्वतंत्र सृष्टि-रचना का वह सीधा अधिकार नहीं होता जो ब्रह्मा जी के पास है। जनलोक के निवासी प्रभाव, विजय, ऐश्वर्य, स्थिति, वैराग्य और दर्शन जैसी ईश्वरीय सिद्धियों से युक्त माने गए हैं।
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