📖
विस्तृत उत्तर
जनलोक में भौतिक भोग-विलास या इंद्रियतृप्ति का कोई स्थान नहीं है। यहाँ का एकमात्र सुख ब्रह्मानंद है। जनलोक में प्राप्त होने वाला आनंद पृथ्वी या स्वर्गलोक के सुखों की तुलना में करोड़ों गुना अधिक बताया गया है। फिर भी यह भौतिक ब्रह्मांड की सर्वोच्च सीमाओं के भीतर आता है। जनलोक के निवासी ब्रह्म-चिंतन, वैराग्य और परब्रह्म की ज्योति में स्थित होकर इस आनंद का अनुभव करते हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





