विस्तृत उत्तर
काली साधना में सावधानियाँ महानिर्वाण तंत्र और कुलार्णव तंत्र में वर्णित हैं:
1दुष्ट कामना न रखें — सर्वप्रमुख
कुलार्णव तंत्र में स्पष्ट कहा गया है — जो दुष्ट उद्देश्य से काली साधना करता है, वह स्वयं को नुकसान पहुँचाता है। काली न्यायकारी हैं — अन्याय के लिए की गई साधना उलटी पड़ती है।
2साधना गुप्त रखें
काली साधना का प्रदर्शन या घमंड न करें। 'गुप्त साधना सफल होती है, प्रकट साधना नष्ट होती है।'
3एकांत और निरंतरता
- ▸एक बार साधना शुरू की तो बीच में न छोड़ें
- ▸यदि छोड़ना हो तो विधिवत समापन करें
- ▸अधूरी साधना हानिकारक हो सकती है
4मन की शुद्धता
काली साधना में मन में क्रोध, द्वेष, लोभ न हो — ये साधना को विकृत करते हैं।
5उग्र अनुभव में घबराएं नहीं
यदि साधना में भय का अनुभव हो — यह परीक्षा है। 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' जपते रहें।
6शरीर की देखभाल
- ▸साधना काल में थकान और अनिद्रा न हो
- ▸उचित आहार और जल ग्रहण करें
- ▸अधिक उपवास से शरीर और मन दुर्बल होते हैं
7तांत्रिक साधना की विशेष सावधानी
- ▸बिना गुरु दीक्षा के तांत्रिक विधि न करें
- ▸श्मशान साधना केवल अनुभवी साधक और गुरु के साथ
- ▸उच्च मंत्र (द्वादशाक्षर आदि) बिना दीक्षा के न जपें
महानिर्वाण तंत्र का वचन
साधकः शुद्धमनाः सदा। तदा सिद्धिः प्रजायते।' — शुद्ध मन वाले साधक को ही सिद्धि मिलती है।





