पूजा एवं अनुष्ठानप्रसाद में नारियल कैसे तोड़ें शुभ तरीकानारियल को पहले भगवान को अर्पित करें, फिर हाथ जोड़ें। एक ही वार में मजबूती से तोड़ें। अंदर से सफेद-स्वच्छ निकले तो शुभ है। प्रसाद सभी में बाँटें।#नारियल#प्रसाद#पूजा विधि
पूजा एवं अनुष्ठानचरणामृत कैसे बनाएं कितना पिएंतांबे के पात्र में जल, गंगाजल, तुलसी, चंदन और अक्षत मिलाकर भगवान के चरण धोएं — यह चरणामृत है। दाएं हाथ में तीन बार लेकर, पहले सिर से लगाकर फिर पिएं।#चरणामृत#प्रसाद#पूजा विधि
पूजा एवं अनुष्ठानपंचामृत बनाने का सही अनुपातशास्त्रीय अनुपात — घी 1 : शहद 2 : मिश्री 4 : दही 8 : दूध 16। सरल विधि — 250 मिली दूध, 2 चम्मच दही, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच घी, 2 चम्मच मिश्री और 2-3 तुलसी पत्ते। क्रम से मिलाएं।#पंचामृत#अभिषेक#पूजा सामग्री
पूजा एवं अनुष्ठानविसर्जन मंत्र क्या है पूजा अंत में कैसे बोलेंपूजा अंत में पहले क्षमायाचना करें — 'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्...' फिर विसर्जन मंत्र — 'गच्छ गच्छ परं स्थानं...' बोलकर पूजा संपन्न करें।#विसर्जन#मंत्र#पूजा विधि
पूजा एवं अनुष्ठानआवाहन मंत्र क्या है भगवान को कैसे बुलाएंआवाहन मंत्र है — 'ॐ आगच्छ आगच्छ देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहः। क्रियमाणां मया पूजां गृहाण सुरसत्तम। आवाहयामि स्थापयामि पूजयामि।।' — हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर देवता का ध्यान करते हुए बोलें।#आवाहन#मंत्र#पूजा विधि
पूजा एवं अनुष्ठानपूजा में आसन शुद्धि कैसे करें मंत्रआसन पर बैठते समय 'ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका...' मंत्र से आसन-शुद्धि करें। इसके बाद 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र से जल छिड़ककर स्वयं और पूजा सामग्री को शुद्ध करें।#आसन शुद्धि#पूजा विधि#मंत्र
पूजा एवं अनुष्ठानप्राणायाम पूजा से पहले क्यों करते हैं विधिपूजा से पहले प्राणायाम इसलिए करते हैं ताकि मन एकाग्र हो, नाड़ियाँ शुद्ध हों और मंत्रोच्चारण में पवित्रता आए। तीन से पाँच बार नाड़ीशोधन प्राणायाम पर्याप्त है।#प्राणायाम#पूजा विधि#शुद्धि
पूजा एवं अनुष्ठानआचमन कैसे करें कितनी बार जल पिएंतांबे के पात्र से तुलसी-युक्त जल लेकर तीन बार आचमन करें — पहले 'ॐ केशवाय नमः', दूसरे 'ॐ नारायणाय नमः', तीसरे 'ॐ माधवाय नमः' बोलते हुए। हथेली गाय के कान जैसी बनाएं, जल कंठ तक जाए।#आचमन#पूजा विधि#शुद्धि