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विस्तृत उत्तर
माँ शैलपुत्री का स्वरूप:
— वाहन: वृषभ (बैल) — इसीलिए उन्हें वृषारूढ़ा भी कहते हैं।
— दाएँ हाथ में: त्रिशूल।
— बाएँ हाथ में: कमल पुष्प।
माँ शैलपुत्री को आदि शक्ति के सौम्य स्वरूप के रूप में पूजा जाता है।
यह स्वरूप प्रकृति और स्थिरता का प्रतीक है — जैसे पर्वत अचल होता है, वैसे ही देवी शैलपुत्री भक्तों को आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करती हैं।
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