विस्तृत उत्तर
यदि रुद्राभिषेक हेतु मिट्टी (पार्थिव) का शिवलिंग निर्मित किया गया है, तो पूजा के उपरांत:
— अक्षत छोड़कर मंत्रों द्वारा विसर्जन किया जाता है।
— तत्पश्चात उस पार्थिव शिवलिंग को अत्यंत आदर के साथ किसी पवित्र नदी, सरोवर या पीपल/वट वृक्ष के नीचे शुद्ध स्थान पर विसर्जित कर दिया जाता है, ताकि उसका अनादर न हो।
परंतु, यदि अभिषेक मंदिर के किसी स्थापित/प्रतिष्ठित शिवलिंग (जैसे स्फटिक, नर्मदेश्वर या पाषाण) पर किया गया है, तो उसका विसर्जन कदापि नहीं किया जाता।





