ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
मंदिर नियम📜 धर्मसिन्धु, गृह्य सूत्र, आचार प्रकाश, लोक परम्परा, आयुर्वेद (नाड़ी विज्ञान)2 मिनट पठन

मंदिर में प्रवेश करते समय दाएं पैर से क्यों प्रवेश करते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

दाहिना = शुभ: दक्षिण अंग = सकारात्मक (धर्मसिन्धु)। पिंगला (सूर्य) नाड़ी दाहिने भाग में — ऊर्जा/सक्रियता। दक्षिणावर्त परिक्रमा का प्रारम्भ। Mindfulness — 'पवित्र स्थान में प्रवेश' का संकल्प। दहलीज लाँघें, उस पर पैर न रखें। भूल हो जाए — कोई दोष नहीं।

📖

विस्तृत उत्तर

मंदिर या किसी भी शुभ स्थान में प्रवेश करते समय दाएं (दक्षिण) पैर से प्रवेश करने की परम्परा अत्यन्त प्राचीन और गहन अर्थ रखती है।

शास्त्रीय कारण

1दक्षिण अंग = शुभ

धर्मसिन्धु और गृह्य सूत्र: भारतीय परम्परा में शरीर का दाहिना (दक्षिण) भाग शुभ और बाँया (वाम) भाग अशुभ/तामसिक माना जाता है। दक्षिण = सकारात्मक, शक्ति, शुभता। शुभ कार्यों में दक्षिण अंग से प्रारम्भ।

2योग/नाड़ी विज्ञान

योग और आयुर्वेद के अनुसार शरीर के दाहिने भाग में 'पिंगला नाड़ी' (सूर्य नाड़ी) प्रवाहित होती है। यह सक्रियता, ऊर्जा, और सकारात्मकता की नाड़ी है। दाएं पैर से प्रवेश = सूर्य ऊर्जा के साथ प्रवेश = शुभ।

3संस्कार और अभ्यास

प्रत्येक शुभ कार्य — मंदिर प्रवेश, गृह प्रवेश, विवाह मंडप — दाएं पैर से। यह एक 'संकल्प' (Resolution) का प्रतीक है — 'मैं शुभ कार्य के लिए प्रवेश कर रहा हूँ।'

4परिक्रमा से सम्बंध

मंदिर में दक्षिणावर्त (Clockwise) परिक्रमा का विधान है। दाएं पैर से प्रवेश = दक्षिणावर्त गति का स्वाभाविक प्रारम्भ।

5मनोवैज्ञानिक

दाएं पैर से प्रवेश = मन को सचेत करना कि 'अब मैं पवित्र स्थान में प्रवेश कर रहा हूँ।' यह Mindfulness का एक रूप है — प्रत्येक क्रिया को सजगता से करना।

संबंधित नियम

  • मंदिर से बाहर निकलते समय — बाएं पैर से (कुछ परम्पराओं में)
  • दहलीज (चौखट) पर पैर न रखें — लाँघकर जाएँ
  • प्रवेश करते समय मन में प्रार्थना/मंत्र

अपवाद

यदि भूलवश बाएं पैर से प्रवेश हो जाए — कोई दोष नहीं (भक्ति-भाव प्रधान है)। यह नियम अनुशासन और सजगता के लिए है, भय के लिए नहीं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्मसिन्धु, गृह्य सूत्र, आचार प्रकाश, लोक परम्परा, आयुर्वेद (नाड़ी विज्ञान)
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

दाहिना पैरशुभ प्रवेशदक्षिण अंगमंदिर प्रवेश

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मंदिर में प्रवेश करते समय दाएं पैर से क्यों प्रवेश करते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको मंदिर नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्मसिन्धु, गृह्य सूत्र, आचार प्रकाश, लोक परम्परा, आयुर्वेद (नाड़ी विज्ञान) पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।