विस्तृत उत्तर
हाँ, वैज्ञानिक शोध संकेत करते हैं कि नियमित ध्यान/मंत्र जप से रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) में सुधार हो सकता है:
वैज्ञानिक आधार
- 1PNI (Psychoneuroimmunology): मन (Psycho), तंत्रिका तंत्र (Neuro) और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immuno) परस्पर जुड़े हैं। मन शांत = तंत्रिका शांत = प्रतिरक्षा मजबूत।
- 1NK (Natural Killer) कोशिकाएँ: कुछ अध्ययनों में ध्यान करने वालों में NK कोशिकाओं (वायरस/कैंसर कोशिका नाशक) की संख्या और सक्रियता बढ़ी पाई गई।
- 1सूजन कम (Inflammation ↓): तनाव से शरीर में chronic inflammation बढ़ती है जो immunity कमजोर करती है। ध्यान/जप से तनाव कम = सूजन कम = immunity बेहतर।
- 1टेलोमेरेज़ एंजाइम: Elizabeth Blackburn (Nobel laureate) के शोध में ध्यान से टेलोमेरेज़ गतिविधि बढ़ी = कोशिका उम्र बढ़ने की गति धीमी = बेहतर प्रतिरक्षा।
- 1श्वास नियंत्रण: प्राणायाम + जप = गहरी श्वास = ऑक्सीजन वृद्धि = कोशिकाएँ स्वस्थ = immunity मजबूत।
आयुर्वेदिक दृष्टि: आयुर्वेद में 'ओज' (ojas) = प्रतिरक्षा शक्ति। ओज बढ़ाने के उपाय: सात्त्विक आहार + ब्रह्मचर्य + ध्यान + मंत्र जप। शास्त्रों में मंत्र जप को 'ओज वर्धक' कहा गया है।
सावधानी: जप/ध्यान = immunity booster supplement नहीं। बीमारी में डॉक्टर से इलाज अवश्य लें। जप = समग्र स्वास्थ्य का अंग (part of holistic health), अकेला उपाय नहीं।





