विस्तृत उत्तर
मंत्र सिद्धि का समय कई कारकों पर निर्भर करता है:
प्रभावित करने वाले कारक
- 1मंत्र का प्रकार: सरल नाम मंत्र = शीघ्र। बीज/तांत्रिक = अधिक समय।
- 2साधक का स्तर: पूर्व जन्म संस्कार, वर्तमान शुद्धता, एकाग्रता।
- 3जप संख्या और नियमितता।
- 4गुरु कृपा: गुरु शक्तिपात से शीघ्र सिद्धि।
- 5विधि शुद्धता: पुरश्चरण पूर्ण = शीघ्र।
सामान्य समय सीमा (परंपरा)
- ▸40 दिन (मंडल): प्रारंभिक प्रभाव — 40 दिन निरंतर = अभ्यास दृढ़।
- ▸6 मास: ध्यान में स्थिरता, जप सहज।
- ▸1 वर्ष: स्पष्ट परिवर्तन दिखना।
- ▸3-12 वर्ष: गहन सिद्धि — कई शास्त्रों में 12 वर्ष का उल्लेख।
- ▸पुरश्चरण पूर्ण: सवा लाख + हवन + तर्पण = एक विशिष्ट मंत्र सिद्ध।
वास्तविकता
- ▸कोई निश्चित समय सीमा नहीं — प्रत्येक व्यक्ति भिन्न।
- ▸'सिद्धि' = अंतिम लक्ष्य नहीं — प्रक्रिया (journey) महत्वपूर्ण।
- ▸सिद्धि की अपेक्षा भक्ति भाव अधिक फलदायी।
- ▸गीता: 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' — फल की चिंता छोड़ें।





