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विस्तृत उत्तर
मृत्यु के समय जब पापी मनुष्य के प्राण कंठ में अटक जाते हैं, उसका मुँह फेन से भर जाता है और आंखें पलट जाती हैं, तब उसे अपने सम्मुख अत्यंत विकराल, नग्न शरीर वाले, लाल आँखों वाले, कौवे और काले कुत्तों के समान भयानक मुख वाले यमदूत दिखाई देते हैं। उनके हाथों में काल-पाश, लोहे के मुद्गर, त्रिशूल और कोड़े होते हैं। पापी आत्मा यमदूतों के इस विकराल स्वरूप को देखते ही मल-मूत्र त्याग देती है और भय से कांपने लगती है।
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