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विस्तृत उत्तर
प्राण ऊर्जा जीवन, गति और चेतना को सक्रिय करने वाली सूक्ष्म शक्ति है। इस कथा में विष्णु की प्रथम श्वास से जो शक्ति निकली, उसने कारण-जल को जीवंत कर दिया। पहले सब कुछ शांत और गतिहीन था, लेकिन प्राण ऊर्जा आते ही समय, तत्व और दिशा की प्रक्रिया शुरू हुई। इसलिए प्राण को केवल सांस नहीं, बल्कि जीवन की मूल गति माना गया है।
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