विस्तृत उत्तर
चांदी से निर्मित श्रीयंत्र को 'मध्यम' माना गया है, जिसका फल 'कोटिगुणा' (करोड़ गुना) कहा गया है।
यह 22 वर्षों तक पूर्ण प्रभाव से फल प्रदान करता है।
चांदी, जिसकी उत्पत्ति शिव के शीतल नेत्रों से हुई है और जिसका संबंध चंद्र देव से है, दिव्य ऊर्जा को एक बहुत लंबी किन्तु सीमित अवधि तक धारण कर पाती है।





