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विस्तृत उत्तर
ताम्रपत्र पर बने श्रीयंत्र को स्वर्ण और रजत की तुलना में 'अधम' कहा गया है। इसका फल 'सौ गुणा' होता है और यह 12 वर्षों तक प्रभावी रहता है।
ताम्र, सूर्य और मंगल की ऊर्जा से युक्त एक उत्कृष्ट ऊर्जा चालक है, किन्तु इसकी ऊर्जा धारण क्षमता स्वर्ण और रजत की तुलना में कम होती है, जिससे इसका प्रभाव शीघ्र क्षीण होता है।
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