विस्तृत उत्तर
समस्त यंत्रों में 'श्रीयंत्र' को सर्वश्रेष्ठ अर्थात् 'यंत्रराज' की उपाधि प्राप्त है।
यह स्वयं आदिशक्ति माँ त्रिपुर सुंदरी का स्वरूप है और इसे संपूर्ण ब्रह्मांड की उत्पत्ति, स्थिति और लय का प्रतीक माना जाता है।
श्रीयंत्र की नित्य पूजा और दर्शन मात्र से ही साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।





