श्रीयंत्र को 'यंत्रराज' क्यों कहते हैं का सबसे सीधा सार यह है: श्रीयंत्र समस्त यंत्रों में सर्वश्रेष्ठ 'यंत्रराज' है — यह आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी का स्वरूप है और इसके दर्शन मात्र से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती...
श्रीयंत्र और धातु जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•श्रीयंत्र और धातु श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।