विस्तृत उत्तर
वैभव लक्ष्मी व्रत अन्य लक्ष्मी व्रतों से अलग है क्योंकि इसमें श्रीयंत्र (9 त्रिकोणों वाला पवित्र ज्यामितीय आरेख) की पूजा अनिवार्य है। पुस्तिकाओं में स्पष्ट लिखा है कि 'श्रीयंत्र के बिना व्रत अधूरा है'। यह तांत्रिक शक्ति और ऊर्जा को घरेलू पूजा में लाता है। पूजा के दौरान भक्त को यंत्र अपने माथे या आँखों से स्पर्श करना होता है, जो देवी की ऊर्जा के प्रत्यक्ष हस्तांतरण का प्रतीक है।





