विस्तृत उत्तर
यह शक्तिपात गुरु अपनी इच्छा से चार प्रकार से कर सकते हैं:
- 1स्पर्श द्वारा (स्पर्श दीक्षा)
- 2दृष्टि मात्र से (दृष्टि दीक्षा)
- 3शब्द या मंत्र के माध्यम से (मंत्र दीक्षा)
- 4केवल अपने संकल्प से (संकल्प दीक्षा)
शक्तिपात चार प्रकार से दिया जाता है: (1) स्पर्श दीक्षा — स्पर्श द्वारा, (2) दृष्टि दीक्षा — दृष्टि मात्र से, (3) मंत्र दीक्षा — शब्द या मंत्र से, (4) संकल्प दीक्षा — केवल संकल्प से।
यह शक्तिपात गुरु अपनी इच्छा से चार प्रकार से कर सकते हैं:
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