दीक्षा के बाद शिष्य में क्या परिवर्तन होता है का सबसे सीधा सार यह है: दीक्षा के बाद शिष्य का जीवन पूर्णतः रूपांतरित होता है — अंतस के विकार और चंचलता समाप्त होती है, चित्त शुद्ध होता है और वह आत्म-ज्ञान के मार्ग...
मंत्र दीक्षा जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•मंत्र दीक्षा श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।