विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत महापुराण के पंचम स्कंध (5.24.14) के अनुसार अतल लोक के निवासियों की मृत्यु का एकमात्र कारण केवल साक्षात भगवान का तेज है जो सुदर्शन चक्र के रूप में वहाँ उपस्थित होता है। भगवान विष्णु का यह काल-रूपी सुदर्शन चक्र ही उनकी मृत्यु का स्थापित समय निर्धारित करता है। भगवान के सुदर्शन चक्र का भय इन दानवों और असुरों के हृदयों में इतना गहरा बसा होता है कि भागवत पुराण (5.24.15) के अनुसार जब कभी सुदर्शन चक्र भगवान के तेज के रूप में इन अधोलोकों में प्रवेश करता है तो उस अकल्पनीय भय के कारण असुरों और दानवों की गर्भवती स्त्रियों के गर्भपात हो जाते हैं।
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