विस्तृत उत्तर
विष्णु पूजा में कुछ विशेष नियम हैं जिनका उल्लंघन पूजा को अपूर्ण बनाता है। भक्तों से होने वाली सबसे सामान्य गलतियाँ:
सबसे बड़ी गलती — तुलसी के बिना विष्णु पूजा करना। शास्त्रों में कहा गया है — तुलसी के बिना विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है और इसके बिना उनका नैवेद्य स्वीकार नहीं होता।
दूसरी गलती — लाल या गहरे रंग के फूल चढ़ाना। विष्णु को सफेद, पीले, नीले और गुलाबी फूल प्रिय हैं। लाल केवड़ा, लाल कनेर आदि उन्हें नहीं चढ़ाने चाहिए।
तीसरी गलती — बासी या झूठे प्रसाद का भोग लगाना। विष्णु को केवल ताजा, शुद्ध और सात्विक भोग ही स्वीकार्य है।
चौथी गलती — एकादशी पर चावल खाना। एकादशी विष्णु की प्रिय तिथि है और इस दिन चावल, उड़द, मसूर आदि वर्जित माने गए हैं।
पाँचवीं गलती — अशुद्ध मन से पूजा करना। विष्णु पुराण में कहा गया है — 'भगवान विष्णु मन के देव हैं।' बाहरी साफ-सफाई के साथ मन की शुद्धि अनिवार्य है।





