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भागवत पुराण प्रश्नोत्तरी — 60 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भागवत पुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 60 प्रश्न

मरणोपरांत आत्मा यात्रा

भागवत पुराण में मृत्यु के समय जीव की स्थिति कैसी बताई गई है?

भागवत पुराण में पापी जीव मृत्यु के समय वृद्ध, व्याधिग्रस्त, वैराग्यहीन और यमदूतों को देखकर भयभीत बताया गया है।

भागवत पुराणमृत्युमरणासन्न अवस्था
लोक

ऋभु देवगणों का तपोलोक से क्या संबंध बताया गया है?

ऋभु देवगण तपस्या और अमरता के देव माने गए हैं और उनकी उपस्थिति तपोलोक के पवित्र वातावरण से जुड़ी बताई गई है।

ऋभुतपोलोकमार्कण्डेय पुराण
लोक

भागवत पुराण और विष्णु पुराण में तपोलोक की दूरी क्या समान है?

हाँ, दोनों पुराण तपोलोक को जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर बताते हैं।

भागवत पुराणविष्णु पुराणतपोलोक
लोक

तपोलोक जनलोक से कितनी दूर है?

तपोलोक जनलोक से आठ करोड़ योजन दूर है।

तपोलोकजनलोकआठ करोड़ योजन
लोक

भागवत पुराण में सत्यलोक का क्या वर्णन है?

भागवत सत्यलोक को दार्शनिक और भक्ति दृष्टि से देखता है। यह सत्यलोक और शाश्वत वैकुंठ का भेद करता है और निवासियों की करुणा-भावना का अनूठा चित्रण करता है।

भागवत पुराणसत्यलोकदार्शनिक
लक्ष्मी-नारायण तत्त्व

धन को धर्म के बिना क्यों नहीं रखना चाहिए?

भागवत पुराण: धर्म (विष्णु) के बिना धन (लक्ष्मी) आसुरी संपत्ति बन जाता है और मनुष्य के पतन का कारण बनता है। बिना ज्ञान के धन उन्माद देता है, बिना न्याय के नीति शोषण बनती है।

धन धर्मआसुरी संपत्तिभागवत पुराण
भक्ति एवं आध्यात्म

नवधा भक्ति के नौ प्रकार क्या हैं?

नवधा भक्ति के नौ प्रकार हैं — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद-सेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। भागवत पुराण (7.5.23-25) में प्रह्लाद ने और रामचरितमानस में श्रीराम ने शबरी को इनका उपदेश दिया। इनमें से किसी एक को भी सच्चे भाव से अपनाने से मोक्ष संभव है।

नवधा भक्तिभागवत पुराणप्रह्लाद
पुराण ज्ञान

भागवत पुराण में कितने स्कंध हैं?

भागवत पुराण में १२ स्कन्ध, ३३५ अध्याय और १८,००० श्लोक हैं। सबसे प्रसिद्ध दशम स्कन्ध है जिसमें श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण लीलाएँ हैं। यह वेदव्यास रचित भक्तियोग का महान पुराण है।

भागवत पुराणस्कंधश्रीमद्भागवतम्
हिंदू दर्शन

भागवत पुराण का मुख्य संदेश क्या है

भागवत पुराण का मुख्य संदेश: अनन्य भक्ति = मोक्ष का सरलतम मार्ग। नवधा भक्ति (7.5.23), कृष्ण लीला (10वां स्कंध), प्रह्लाद की भक्ति शक्ति, अजामिल की नाम-मुक्ति। सार: किसी भी समय, किसी भी स्थिति में भगवन्नाम = मुक्ति। 12 स्कंध, 18,000 श्लोक।

भागवत पुराणकृष्णभक्ति
कथा एवं श्रवण

श्रीमद भागवत कथा सुनने के नियम

भागवत कथा सुनने का कोई कठोर तिथि-नियम नहीं है, इसे कभी भी सुना जा सकता है। श्रद्धा, एकाग्र मन, सात्विकता और ब्रह्मचर्य का पालन मुख्य नियम हैं। केवल सुनना नहीं, बल्कि सुनी बात पर मनन करना और आचरण में उतारना भी आवश्यक है।

भागवत कथाश्रवण नियमसप्ताह यज्ञ
विष्णु उपासना

विष्णु जी के 24 अवतारों के नाम क्या हैं?

भागवत पुराण में भगवान विष्णु के 24 अवतारों में प्रमुख हैं — सनकादि ऋषि, नारद, नर-नारायण, कपिल, दत्तात्रेय, मत्स्य, कूर्म, वाराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि (अभी आना है)। इनमें से 10 दशावतार सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं।

विष्णु अवतारचौबीस अवतारदशावतार
विष्णु उपासना

नारायण कवच क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

नारायण कवच भागवत पुराण (स्कन्ध 6, अध्याय 8) में वर्णित विष्णु जी का रक्षा-मंत्र है, जो सर्वप्रथम इन्द्र को दिया गया था। स्नान करके, शुद्ध आसन पर बैठकर, 'ॐ नमो नारायणाय' से न्यास सहित पाठ करें। गुरुवार, एकादशी या संकट काल में इसका पाठ विशेष फलदायी है।

नारायण कवचभागवत पुराणसुरक्षा कवच

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।