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विस्तृत उत्तर
श्रीविष्णु पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार तपोलोक जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर स्थित है। विष्णु पुराण में 'जनलोकाच्चतुर्गुणे तपोलोको महानृप' कहा गया है, जिसका अर्थ है कि जनलोक से चौगुनी दूरी पर तपोलोक स्थित है। दस्तावेज़ में इसे आठ करोड़ योजन बताया गया है और इसी को सर्वाधिक मान्य, सर्वमान्य और प्रचलित दूरी माना गया है।
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